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वैज्ञानिक उपकरण एवं अनुप्रयोग

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      वैज्ञानिक उपकरण एवं उनके अनुप्रयोग 1- बैरोमीटर या वायुदाबमापी (Barometer )  >> Barometer       *   इसके द्वारा वायुमण्डल के दाब को मापा जाता हैं |     * वायुदाब मापने के लिए बैरोमीटर में पानी ,हवा अथवा पारा का प्रयोग किया जाता है |     * बैरोमीटर के आविष्कारक इव्हागेलिस्टा टोरेसेली हैं | 2- अमीटर या  ऐमीटर (Ammeter )  >> Ammeter       *   इसके द्वारा विधुत धारा को मापा जाता है |      *   इसके आविष्कारक एम्पियर है |      *   ऐमीटर  दिष्टधारा (AC ) अथवा  प्रत्यावर्ती धारा (DC ) दोनों को मापने में किया जा सकता है |      *   इसको परिपथ में श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता हैं | 3- कार्बोरेटर  (Carboretor ) >> Carboretor      *   यह यांत्रिक युक्ति जो आन्तरिक दहन इंजन के लिए प्रयोग होता है जो हवा और द्रव इंधन को मिश्रित      ...

Refrigerator क्या हैं ?

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            Refrigerator क्या है? इसे सामान्य भाषा में फ्रीज़ कहां जाता है ,यह घरेलु उपयोग कि युक्ति है जो खाद्य पदार्थो को जल्दी खराब होने से बचाता है | REFRIGERATOR            इसका मुख्य कार्य अपने अन्दर रखी गई वस्तुओ की ऊष्मा को अवशोषित करके वस्तु की तापमान को कम कर के वस्तुओ को सुरछित रखना होता है | सामान्य फ्रीज़ में दो से तीन अलग -अलग भाग होते है जैसे की सबसे उपर बर्फ जमाने के लिए एक बॉक्स नुमा रहता है जिसे फ्रीजर कहाँ जाता है और बीच वाले भाग  में पेय पदार्थ जैसे पानी ,मिल्क इत्यादी रखते है और सबसे नीचे वाला भाग सब्जी ,फल इत्यादी रखने के लिए प्रयोग किया जाता हैं हमारे घरो के फ्रीज़ लगभग एक समान होता है लेकिन कई जगह पर अलग प्रकार के फ्रीज़ होता है जैसे किसी दुकान में या फैक्ट्री में | फ्रीज़ का प्रकार उसके इस्तेमाल पर निर्भर करता है कि उसका इस्तेमाल किस काम में होता है |       आज के समय के लिए फ्रीज़ बहुत जरुरी हो गया है जब भी आप गर्मी के दिनों या Normal  मौसम में भी अगर हम कोल्ड ड्...

विधुत से सम्बंधित परिभाषा - आवृति ,चक्र , फेज ,न्यूट्रल और अर्थ |

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विधुत से सम्बंधित  परिभाषाये-                      1.आवृति,  2. आवर्तकाल , 3.चक्र , 4.फेज , 5. न्यूट्रल , 6. अर्थ . 1. आवृति (Frequency):-   एक सेकंड में Alternating Current की जितनी चक्र ( Cycle ) बनती है वह आवृति कहलाती है | अथवा Alternating Current द्वारा एक सेकंड में पूर्ण किये गए चक्रो कि संख्या ,उसकी आवृति कहलाती है |                                      इसे ' f ' से प्रदर्शित करते है तथा इसकी मात्रक हर्ट्ज़ (Hz ) { प्रति सेकंड }है |                                                                                           f =1/T               ...

चालक ,कुचालक और अर्द्धचालक पदार्थ किसे कहते है ?

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चालक, कुचालक तथा अर्द्धचालक पदार्थ के बारे में जानकारी - किस प्रकार के पदार्थ में से विधुत धारा का प्रभाव होता है , किसी में नहीं होता है और किसी में कम होता है |  इस आधार पर पदार्थ को तीन भागो में विभाजित किया गया है | 1. चालक अथवा सुचालक (Conductor or Good Conductor ) 2.अचालक  अथवा कुचालक  (Bad Conductor ) 3. अर्द्धचालक    (Semiconductor ) 1. चालक अथवा सुचालक (Conductor or Good Conductor ):- ऐसे पदार्थ जिनमे से विधुत धारा का                                                                                                                प्रवाह बहुत आसानी से ,बिना किसी रुकावट के विधुत धारा का प्रवाह होता है ,उन्हें चालक अथवा सुचालक कहते है|   ...

रेफ्रिजिरेशन की संछिप्त जानकारी |

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                        रेफ्रिजिरेशन का इतिहास फ्रीज़ आने से पहले लोग यह सोचते थे| कि  खाद्य पदार्थ को ज्यादा दिनों तक सुरछित कैसे रखा जाये | क्योंकि खाद्य पदार्थो को ऐसे ज्यादा दिनों तक रखने पर वातावरण में मौजुद बैक्टीरिया व  सूक्ष्म   जीवाणु के कारण खाद्य  प दार्थ ख़राब हो जाता था |          क्योंकि ये बैक्टीरिया और माईक्रोव गर्म वातावरण में अधिक उत्पन्न होते हैं  उस समय ज्यादा तर खाद्य  पदार्थ  की नमी  सुखाकर रखा  जाता था |         जब लोगो ने विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थो मछली ,मांस ,फल ,सब्जी इत्यादी का महत्व समझा तब से वैज्ञानिक खाद्य पदार्थो को सुरछित रखने का उपाय करने लगे |        पहले इन खाद्य पदार्थो को गुफा व खोखले स्थानों पर रखते थे क्योंकि वहां पर तापक्रम बाहर कि वायु से कम होता था | वहां पर खाद्य पदार्थ सुरछित तो रहता था लेकिन ज्यादा दिनों तक नहीं रह पता था |... REFRIGERATO...

विधुत के प्रकार व उसका विवरण

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1. विधुत के प्रकार -        विधुत दो प्रकार की होती हैं |                                      1.स्थिर विधुत (Static Electricity )                              2.अस्थिर विधुत (Dynamic Electricity ) 1.स्थिर विधुत - यह घर्षण विधुत कहलाती हैं जो घर्षण द्वारा पैदा की जाती हैं | जब दो हाथों को परस्पर रगडा जाता हैं तो उसमें स्थिर विधुत पैदा हो जाती हैं | इसी प्रकार कांच कि छड को  रेशम से रगड़ने पर विधुत पैदा कि जाती हैं परन्तु यह विधुत एक स्थान से दुसरे स्थान तक नहीं ले जाई जा सकती हैं | इसी कारन  यह  उपयोग नहीं की जाती हैं | 2.अस्थिर विधुत - यह विधुत एक स्थान से दुसरे स्थान पर आसानी से ले जाई जा सकती है| यह फैराडे के सिद्धान्त पर उत्पन्न होती  है |    यह दो प्रकार का होता है |      1.दिष्ट धारा (Direct Current ) :- यह D.C. जनरेटर या ...

विधुत का इतिहास क्या हैं?

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1. विधुत का इतिहास   आज से लगभग 2500 वर्ष पहले थेल्स नामक वैज्ञानिक ने ही विधुत को जन्म दिया जो यूनान के थे उन्होंने ये पता लगाया कि अम्बर( इलेक्ट्रान ) को रेशम से रगडा जाये तो उसमे आकर्षण पैदा हो जाता हैं जिससे कागज के छोटे -छोटे टुकडे आकर्षित हो जाते हैं | इसी नाम के आधार पर आकर्षित करने वाले गुण को इलैक्ट्रिसिटी  रखा गया | इनके पश्चात एलिजाबेथ के गिलबर्ट नामक वैज्ञानिक ने पूर्व प्रयोगों के आधार पर अनेको प्रयोग किये | इनके अनुभवों के आधार पर अनेको वैज्ञानिको ने लाभ उठाया |स्टीफन ग्रे वैज्ञानिक ने अपने प्रयोगों द्वारा बताया कि दो वस्तुओ कि रगड से विधुत उत्पन होने लगती हैं परन्तु वह स्थिर विधुत (Static Electricity ) होती  हैं |      स्थिर विधुत के ज्ञान से अधिक लाभ नहीं हुआ परन्तु गेलवनी नामक वैज्ञानिक  ने रासायनिक विधि से विधुत प्राप्त करने के अनेको प्रयोग किये | जिनका लाभ इटली के वोल्टा नामक वैज्ञानिक ने उठाया |उन्होंने ने कांच के वर्तन में हल्का गंधक का तेजाब भरा और ताँबे व जस्ते कि दो छडे इसमे डाल दी |उसके  बाद उन्होंने देखा कि द...